व्यक्ति का स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाने के ज्योतिषीय कारण | Astrology Reasons for Irritable Nature
- Namaskar Astro by Acharya Rao

- Nov 5
- 2 min read
हर व्यक्ति का स्वभाव उसके ग्रहों और नक्षत्रों से प्रभावित होता है।
कई बार बिना किसी बड़ी वजह के हम जल्दी चिड़चिड़े, गुस्सैल या मानसिक रूप से अस्थिर हो जाते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह केवल स्वभाव नहीं बल्कि ग्रहों की चाल और उनके दोषों का परिणाम होता है।
आइए जानते हैं कौन-कौन से ग्रह इस स्वभाव के पीछे जिम्मेदार होते हैं और उनके क्या उपाय हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किन ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के स्वभाव को अस्थिर और गुस्सैल बनाती है।
🔥 1. मंगल ग्रह (Mars) का दोष या प्रभाव
मंगल एक उग्र ग्रह है। यदि कुंडली में मंगल:
6, 8 या 12वें भाव में हो,
या चंद्र / लग्न पर दृष्टि डालता हो,तो व्यक्ति का स्वभाव आवेगी, गुस्सैल और असहिष्णु बन जाता है।
🌙 2. चंद्र ग्रह (Moon) की अशांति
चंद्र मन और भावनाओं का प्रतिनिधि ग्रह है।यदि यह नीच राशि (वृश्चिक) में हो या राहु-शनि से प्रभावित हो,तो व्यक्ति का मन स्थिर नहीं रहता, जिससे चिड़चिड़ापन और मानसिक तनाव बढ़ता है।
🪐 3. शनि (Saturn) की साढ़ेसाती या ढैय्या
शनि जब किसी व्यक्ति की कुंडली में साढ़ेसाती या ढैय्या में आता है,तो जीवन में रुकावटें, विलंब और मानसिक दबाव बढ़ जाते हैं।ऐसे समय में व्यक्ति का स्वभाव स्वाभाविक रूप से चिड़चिड़ा और असंतुलित हो जाता है।
🌘 4. राहु-केतु का मानसिक प्रभाव
यदि राहु या केतु चंद्र या लग्न के साथ युति में हों,तो व्यक्ति के विचार भ्रमित होते हैं, निर्णय क्षमता कमजोर होती है,और वह छोटी-छोटी बातों में भी प्रतिक्रिया या गुस्सा दिखाने लगता है।
🧠 5. बुध ग्रह की कमजोरी
बुध संवाद और सोच का ग्रह है।जब यह कमजोर हो या पाप ग्रहों से प्रभावित हो,तो व्यक्ति की सोच अस्थिर, विवादप्रिय या जल्द प्रतिक्रिया देने वाली बन जाती है।
🌺 अन्य ज्योतिषीय संकेत
तीसरे और छठे भाव में पाप ग्रहों की स्थिति।
लग्न पर अशुभ ग्रहों की दृष्टि।
चंद्र की प्रतिकूल दशा या गोचर भी स्वभाव को प्रभावित करता है।
🕉️ निष्कर्ष (Conclusion)
व्यक्ति का चिड़चिड़ापन केवल स्वभाव नहीं बल्कि ग्रहों की उर्जा का परिणाम होता है।यदि चंद्र कमजोर है तो मन अस्थिर होता है, मंगल उग्र है तो गुस्सा बढ़ता है,और शनि का प्रभाव व्यक्ति को मानसिक रूप से थका देता है।सही ज्योतिषीय विश्लेषण और उपाय अपनाकर मन की शांति और संतुलन प्राप्त किया जा सकता है।
🙏 नोट:
यदि आप अपने स्वभाव या कुंडली में ऐसे दोष जानना चाहते हैं,
तो अनुभवी ज्योतिषी से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।
लेखक: Acharya Sunita Rao
प्रस्तुतकर्ता: Namaskar Astro
श्रेणी: ज्योतिष / हस्त रेखा विश्लेषण
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