बिना वजह कोर्ट केस में फँसने के ज्योतिषीय कारण
- Namaskar Astro by Acharya Rao

- 4 days ago
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कई बार व्यक्ति बिना किसी गलती के भी कानूनी विवादों में फँस जाता है। अचानक कोर्ट-कचहरी के मामले, झूठे आरोप या समाज में बदनामी का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में इसका गहरा संबंध ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति से माना जाता है। छठे, आठवें और बारहवें भाव की स्थिति, साथ ही पाप ग्रहों का प्रभाव, इस स्थिति को उत्पन्न कर सकता है।

बिना वजह कोर्ट केस में फँसने के ज्योतिषीय कारण
🔹 1. छठे भाव में अशुभ ग्रहों का प्रभाव
छठा भाव शत्रु, मुकदमेबाज़ी और विवाद का प्रतिनिधि है। यदि इस भाव में राहु, शनि, मंगल या केतु जैसे ग्रह पीड़ित अवस्था में हों, तो व्यक्ति बिना किसी गलती के भी कानूनी विवादों में फँस सकता है।
🔹 2. शनि का दुष्प्रभाव
शनि न्याय का ग्रह है, लेकिन कष्ट के बाद न्याय प्रदान करता है। यदि शनि छठे, आठवें या बारहवें भाव में पीड़ित हो, तो कोर्ट केस लम्बे समय तक चलते हैं और मानसिक तनाव बढ़ाते हैं।
🔹 3. आक्रामक मंगल
मंगल विवाद और झगड़े का कारक है। यदि मंगल छठे, सप्तम या द्वादश भाव में नीच का या पापग्रस्त हो, तो व्यक्ति झूठे आरोपों या कानूनी लड़ाई में फँस सकता है।
🔹 4. राहु का प्रभाव
राहु भ्रम, छल और षड्यंत्र का कारक है। राहु यदि लग्न, तीसरे या सातवें भाव में पाप योग बनाता हो, तो झूठे केस, बदनामी और फँसाए जाने की संभावना बढ़ जाती है।
🔹 5. आठवें भाव में अशुभ ग्रह
आठवाँ भाव अचानक घटनाओं, दंड और घोटालों का भाव है। यदि यह भाव अशुभ ग्रहों से पीड़ित हो, तो अचानक कोर्ट-केस और कानूनी जोखिम बढ़ जाते हैं।
🔹 6. पाप-कर्म या दंड योग
यदि शनि + मंगल + राहु का संयोजन बने या छठे भाव का स्वामी पाप ग्रहों से पीड़ित हो, तो लगातार मुकदमेबाज़ी और कानूनी संघर्ष का योग बनता है।
🔹 7. दशा-भुक्ति का प्रभाव
राहु, शनि, मंगल या केतु की प्रतिकूल दशा में अचानक कानूनी विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।
कब कोर्ट के मामलों में राहत मिलती है?
छठे भाव में गुरु का प्रभाव या दृष्टि
शनि की शुभ स्थिति
मंगल-राहु दोष समाप्त होने पर
ग्रहों की अनुकूल दशा प्रारंभ होने पर
निष्कर्ष
बिना वजह कोर्ट केस में फँसना केवल बाहरी परिस्थितियों का परिणाम नहीं होता, बल्कि ग्रहों के प्रभाव से भी इसका गहरा संबंध है। सही समय पर ज्योतिषीय मार्गदर्शन, उचित उपाय और धैर्य से किसी भी कानूनी समस्या से निकलना संभव है।
सलाह: यदि आप भी कानूनी विवादों से परेशान हैं, तो अपनी जन्म कुंडली का विश्लेषण अवश्य कराएँ। सही उपाय जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
लेखक: Acharya Sunita Rao
प्रस्तुतकर्ता: Namaskar Astro
श्रेणी: ज्योतिष / कोर्ट केस
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