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कुंडली में लग्न क्या है और इसका महत्व — जानें ज्योतिष का मूल आधार

  • Writer: Namaskar Astro by Acharya Rao
    Namaskar Astro by Acharya Rao
  • Nov 21
  • 2 min read

वैदिक ज्योतिष में जन्म कुंडली का आधार लग्न होता है। जिस समय व्यक्ति का जन्म होता है, उसी समय पूर्व दिशा में जो राशि उदय हो रही होती है, वही उसकी लग्न राशि कहलाती है। कुंडली में इसे प्रथम भाव में रखा जाता है और यहीं से सम्पूर्ण कुंडली की गणना शुरू होती ह


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लग्न क्या है?

  • जन्म समय पर पूर्व दिशा में उदय होने वाली राशि = लग्न

  • कुंडली का प्रथम भाव = लग्न भाव

  • व्यक्ति के स्वभाव, शरीर, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा का निर्धारण लग्न से होता है।

जन्म स्थान और समय बदलने से लग्न बदल जाता है, इसलिए लग्न सबसे व्यक्तिगत और सटीक ज्योतिषीय तत्व माना जाता है।

लग्न का महत्व

क्षेत्र

लग्न का प्रभाव

व्यक्तित्व

स्वभाव, सोचने का तरीका, ऊर्जा

शरीर

कद, रंग, स्वास्थ्य

भाग्य

अवसर, संघर्ष, जीवन की दिशा

रिश्ते

विवाह, दांपत्य संबंध

करियर

कार्य क्षेत्र, सफलता

मानसिकता

निर्णय लेने की क्षमता और साहस

लग्न का जीवन में प्रभाव


1️⃣ स्वभाव और व्यवहार

लग्न ही यह तय करता है कि व्यक्ति शांत होगा या उग्र, भावुक होगा या व्यावहारिक।


2️⃣ स्वास्थ्य और आयु

लग्न के स्वामी ग्रह की स्थिति से स्वास्थ्य की मजबूती या कमजोरी पता चलती है।


3️⃣ करियर व व्यवसाय

किस क्षेत्र में सफलता मिलेगी — यह लग्न और दशम भाव से देखा जाता है।


4️⃣ विवाह और पारिवारिक जीवन

लग्न का संबंध 7वें भाव (दांपत्य भाव) से होता है, इसलिए दांपत्य जीवन का विश्लेषण बिना लग्न के संभव नहीं।


5️⃣ भाग्य और संघर्ष

सुदृढ़ लग्न जीवन में संघर्ष कम करता है और सफलता तेजी से प्रदान करता है।


लग्न के स्वामी का महत्व

लग्न के स्वामी ग्रह की स्थिति यदि मजबूत हो तो व्यक्ति जीवन में ऊँचाइयाँ प्राप्त करता है।कमज़ोर हो तो जीवन में बाधाएँ और परेशानियाँ बढ़ती हैं।

उदाहरण:

  • मेष लग्न – मंगल स्वामी, ऊर्जा व साहस

  • वृष लग्न – शुक्र स्वामी, सौंदर्य व भोग-सुख

  • कर्क लग्न – चंद्रमा स्वामी, भावना व संवेदनशीलता(सभी लग्नों का विवरण अलग ब्लॉग में किया जा सकता है)


निष्कर्ष

लग्न व्यक्ति के जीवन का आधार स्तंभ है।जन्म कुंडली में ग्रहों, दशा, गोचर, विवाह, करियर, स्वास्थ्य — सभी का विश्लेषण लग्न के आधार पर ही किया जाता है।इसलिए ज्योतिष में कहा गया है —

“लग्न मजबूत, तो जीवन मजबूत।”


आचार्य सुनीता राव  परंपरागत वैदिक ज्ञान और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ सटीक एवं व्यावहारिक ज्योतिषीय समाधान प्रदान करने हेतु समर्पित।

Namaskar Astro सरल एवं प्रामाणिक ज्योतिष मार्गदर्शन, ताकि जीवन में बढ़े सौभाग्य, सफलता और सकारात्मक परिवर्तन।

 
 
 

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