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वैवाहिक जीवन मे अनबन या मन मुटाव

  • Writer: Namaskar Astro by Acharya Rao
    Namaskar Astro by Acharya Rao
  • Sep 17
  • 2 min read

लग्न जीवन (विवाहिक जीवन) में अनबन, मनमुटाव या तनाव होने के पीछे कई ज्योतिषीय कारण हो सकते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जन्मकुंडली में कुछ विशेष योग, ग्रहों की स्थिति और उनकी दृष्टियाँ वैवाहिक जीवन को प्रभावित करती हैं। नीचे मुख्य कारण दिए गए हैं:

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ज्योतिष शास्त्र मे वैवाहिक जीवन मे तनाव या अनबन के मुख्य कारण।


🔯 1. सप्तम भाव (7th House) की स्थिति

  • सप्तम भाव वैवाहिक जीवन का मुख्य भाव होता है। इसमें या इसके स्वामी में कोई दोष या अशुभ ग्रहों की दृष्टि होने पर वैवाहिक जीवन में कलह हो सकता है।

  • यदि सप्तम भाव का स्वामी कमजोर हो या शत्रु ग्रह में स्थित हो तो विवाह में संघर्ष होता है।

  • राहु, केतु, शनि या मंगल की उपस्थिति सप्तम भाव में वैवाहिक जीवन में बाधाएं या विवाद ला सकती है।


🔥 2. मंगली दोष (मंगल दोष)

  • यदि कुंडली में मंगल दोष है (मंगल 1st, 2nd, 4th, 7th, 8th या 12th भाव में हो), तो वैवाहिक जीवन में तनाव और झगड़े हो सकते हैं।

  • मंगली व्यक्ति का गैर-मंगली से विवाह करने पर अधिक मतभेद होते हैं।


🪐 3. शनि या राहु की दृष्टि

  • शनि का सप्तम भाव पर प्रभाव वैवाहिक जीवन को ठंडा, असंतुलित या दूर बना सकता है।

  • राहु या केतु के प्रभाव से अविश्वास, भ्रम और धोखे की स्थिति बन सकती है।


🧠 4. चंद्रमा और मन की स्थिति

  • चंद्रमा मन का कारक है। यदि चंद्रमा पर राहु, शनि या केतु की दृष्टि हो, तो जातक का स्वभाव चिड़चिड़ा, शंकालु या तनावपूर्ण हो सकता है, जिससे दाम्पत्य जीवन प्रभावित होता है।

  • चंद्रमा और शुक्र के बीच विरोध वैवाहिक सुख में कमी लाता है।


💔 5. शुक्र ग्रह की स्थिति

  • शुक्र प्रेम, आकर्षण और वैवाहिक सुख का कारक है। यदि शुक्र नीच का हो, पाप ग्रहों से ग्रसित हो या शत्रु राशि में हो, तो दाम्पत्य सुख में कमी आ सकती है।


⚖️ 6. दशा और गोचर का प्रभाव

  • किसी व्यक्ति की दशा/अंतर्दशा में शनि, राहु, केतु, या अन्य पाप ग्रहों की दशा चल रही हो, और ये ग्रह वैवाहिक भाव को प्रभावित कर रहे हों तो वैवाहिक जीवन में समस्याएँ बढ़ सकती हैं।


👥 7. अनुकूलता की कमी (गुण मिलान)

  • विवाह से पूर्व गुण मिलान (कुण्डली मिलान) में यदि गुण कम मिलते हैं, विशेषकर ग्रह मैत्री, भाव मिलान, नाड़ी दोष आदि पाए जाते हैं, तो विवाह के बाद मनमुटाव हो सकता है।


NOTE:- यहा दी गई जानकारी केवल जागृतता के उदेशय से दी गई है , कृपया आगे बढ़ने से पहेले किसी विधवान ज्योतिषी से मार्गदर्शन अवश्य ले।

Namaskar Astro से जुड़े और Acharya Sunita Rao से अपने ज्योतिष शास्त्र सबंधित प्रश्नों मे सही मार्गदर्शन पाए।

 
 
 

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