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मेहनत अपनी, नाम किसी और का ?जानिए इसके ज्योतिषीय कारण

  • Writer: Namaskar Astro by Acharya Rao
    Namaskar Astro by Acharya Rao
  • Oct 16
  • 2 min read

अक्सर व्यक्ति पूरी मेहनत करता है, लेकिन उसका क्रेडिट या पहचान (Recognition) किसी और को मिल जाती है। जीवन में जब व्यक्ति पूरी निष्ठा और मेहनत से काम करता है, फिर भी उसकी पहचान किसी और को मिलती है, तो यह केवल परिस्थितियों का खेल नहीं बल्कि ग्रहों की चाल का परिणाम भी होता है।

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ज्योतिष शास्त्र में इसके पीछे कई ग्रहों के संयोजन और दोष जिम्मेदार माने गए हैं। नीचे इसका गहराई से विश्लेषण दिया गया है


🌕 1. सूर्य (Surya) का कमजोर होना

सूर्य आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा, और पहचान का कारक ग्रह है।


यदि जन्म कुंडली में सूर्य:


नीच राशि (तुला) में हो,


शत्रु ग्रहों से पीड़ित हो,


या 6वें, 8वें, 12वें भाव में स्थित हो,

तो व्यक्ति की मेहनत का क्रेडिट अक्सर दूसरों को मिल जाता है।


ऐसे जातक मेहनती होते हैं पर पहचान पीछे रह जाती है।


🌗 2. दशम भाव (10th House) पर पाप ग्रहों का प्रभाव

दशम भाव कर्म, करियर, और नाम-यश का भाव होता है।


यदि इस भाव में राहु, केतु, शनि या मंगल की अशुभ दृष्टि हो —

तो व्यक्ति का कार्य दूसरों के नाम से प्रसिद्ध होता है।


इससे “मेहनत अपनी, नाम किसी और का” जैसी स्थिति बनती है।


🌘 3. राहु की भूमिका

राहु भ्रम, छल और छवि का कारक है।


यदि राहु 10वें भाव में या सूर्य/चंद्र के साथ है —

तो जातक को सही पहचान देर से मिलती है या कोई और उसकी सफलता का श्रेय ले जाता है।


🌒 4. बुध और शुक्र का दुर्बल होना

बुध संचार और अभिव्यक्ति का ग्रह है।

अगर बुध कमजोर हो तो व्यक्ति अपनी बात या योगदान सही ढंग से प्रस्तुत नहीं कर पाता।


शुक्र आकर्षण और प्रभाव का ग्रह है —

दुर्बल शुक्र होने पर व्यक्ति का व्यक्तित्व प्रभावशाली नहीं दिखता,

जिससे दूसरों को क्रेडिट आसानी से मिल जाता है।


🌑 5. कर्मफल में विलंब (शनि का प्रभाव)

शनि देरी करता है पर नकारता नहीं।


यदि शनि दशम भाव या कर्मेश पर दृष्टि डाल रहा हो,

तो मेहनत का फल देर से मिलता है —

यानी जब तक व्यक्ति को पहचान मिलती है, तब तक कोई और क्रेडिट ले चुका होता है।


कमजोर सूर्य, पाप ग्रहों का दशम भाव पर प्रभाव, या राहु-शनि की बाधाएं — ये सब व्यक्ति की प्रतिष्ठा और पहचान में देरी कर देते हैं।

परंतु ज्योतिष शास्त्र यह भी कहता है कि कर्म कभी व्यर्थ नहीं जाता, उचित उपाय किए जाए तो शनि और सूर्य मिलकर वही मेहनत चमका देते हैं।

इसलिए निराश न हों, उचित उपायों, ग्रह शांति और आत्मविश्वास से आप अपने भाग्य का रुख बदल सकते हैं और अपनी मेहनत का सही सम्मान पा सकते हैं। 🌞✨


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