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बिज़नेस पार्टनर से धोखा या विश्वासघात मिलना

  • Writer: Namaskar Astro by Acharya Rao
    Namaskar Astro by Acharya Rao
  • Sep 24
  • 2 min read

जब किसी व्यक्ति को बिजनेस पार्टनर से धोखा मिलता है तो उसका प्रभाव केवल धन हानि तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों को भी प्रभावित करता है। ज्योतिष के अनुसार इसके कई प्रकार के भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक परिणाम देखे जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में बिज़नेस पार्टनर से धोखा या विश्वासघात मिलने के कई कारण बताए जाते हैं।


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🌌 ज्योतिषीय कारण

  1. सप्तम भाव (7th house)

    • यह भाव पार्टनरशिप और समझौते का होता है।

    • अगर सप्तम भाव में पाप ग्रह (राहु, केतु, शनि, मंगल) हों या सप्तमेश (7वें भाव का स्वामी) अशुभ भाव (6, 8, 12) में हो तो पार्टनर से धोखे की संभावना बढ़ जाती है।

  2. षष्ठ भाव (6th house)

    • यह शत्रु, कोर्ट केस और विवादों का घर है।

    • अगर 7वें भाव का संबंध 6वें भाव से बन जाए तो पार्टनर धोखा दे सकता है या कानूनी विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।

  3. अष्टम भाव (8th house)

    • यह गुप्त शत्रु, हानि और अचानक संकट का सूचक है।

    • सप्तम भाव/सप्तमेश का अष्टम भाव से संबंध पार्टनरशिप में धोखा, अचानक हानि या कर्ज की स्थिति ला सकता है।

  4. द्वादश भाव (12th house)

    • यह हानि, खर्च और विदेश संबंधी मामलों का घर है।

    • यदि सप्तमेश 12वें भाव में हो या राहु/केतु का प्रभाव हो तो पार्टनर छुपकर नुकसान पहुंचा सकता है।

  5. ग्रहों का प्रभाव

    • राहु → धोखाधड़ी, छल-कपट, भ्रम।

    • केतु → असत्य वचन, विश्वासघात, धोखा।

    • शनि → देरी, विवाद, साझेदारी में गलतफहमी।

    • मंगल → झगड़ा, कानूनी विवाद।

  6. दशा-भुक्ति प्रभाव

    • अगर उस समय राहु, केतु, शनि, मंगल की दशा चल रही हो और उनका संबंध 7वें या 6/8/12 भाव से बने तो धोखे की संभावना बढ़ जाती है।


🔮 बिजनस मे विश्वासघाट मिलने से जीवन मे होने वाले प्रमुख प्रभाव

  1. आर्थिक हानि (Financial Loss)

    • अचानक धन की कमी, कर्ज बढ़ना, निवेश डूबना।

    • व्यापार का रुकना या पूरी तरह बंद होना।

    • कोर्ट-कचहरी के खर्चे बढ़ना।

  2. मानसिक प्रभाव (Mental Stress)

    • लगातार चिंता, तनाव, और मानसिक अस्थिरता।

    • नींद की समस्या, आत्मविश्वास में कमी।

    • लोगों पर भरोसा करने में कठिनाई।

  3. सामाजिक प्रभाव (Social Image)

    • समाज या रिश्तेदारों के बीच प्रतिष्ठा में कमी।

    • अपमान या बदनामी का डर।

    • मित्रों और परिवार के रिश्तों में तनाव।

  4. शारीरिक स्वास्थ्य (Physical Health)

    • तनाव के कारण सिरदर्द, ब्लड प्रेशर, पेट की बीमारी।

    • थकान और ऊर्जा की कमी।

  5. आध्यात्मिक प्रभाव (Spiritual Impact)

    • व्यक्ति का विश्वास टूटना, भाग्य पर संदेह करना।

    • कभी-कभी पूजा-पाठ से भी दूरी हो जाती है।

    • राहु-केतु और शनि की नकारात्मक ऊर्जा और बढ़ जाती है।

  6. भविष्य पर असर (Long-term Impact)

    • नया बिजनेस शुरू करने में डर।

    • सही अवसरों को भी खो देना।

    • धीरे-धीरे अकेले काम करने की प्रवृत्ति बढ़ जाना।


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