top of page

जानिए डिवोर्स केस में ग्रहों की भूमिका, सप्तम भाव के दोष, मंगल दोष और वैवाहिक तनाव।

  • Writer: Namaskar Astro by Acharya Rao
    Namaskar Astro by Acharya Rao
  • Oct 6
  • 2 min read

आज के समय में वैवाहिक जीवन में असंतुलन, मानसिक तनाव और डिवोर्स जैसी स्थितियाँ बहुत आम हो गई हैं। परंतु ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर रिश्ते का टूटना केवल परिस्थितियों का परिणाम नहीं होता, बल्कि यह ग्रहों की स्थिति और दशाओं के प्रभाव से भी गहराई से जुड़ा होता है।


ree

आइए जानते हैं कि तलाक या डिवोर्स केस में कौन-कौन से ज्योतिषीय कारण जिम्मेदार होते हैं और उनके उपाय क्या हैं


🔹 1. सप्तम भाव (7th House) में दोष

जन्म कुंडली का सप्तम भाव विवाह और जीवनसाथी से संबंधित होता है।

  • यदि सप्तम भाव में मंगल, शनि, राहु या केतु जैसे पाप ग्रह बैठे हों,तो वैवाहिक जीवन में असहमति और दूरी बढ़ती है।

  • सप्तम भाव का स्वामी यदि नीच राशि में हो या शत्रु ग्रहों से प्रभावित हो,तो रिश्ता स्थिर नहीं रह पाता।


🔹 2. मंगल दोष (Mangal Dosh) का प्रभाव

यदि कुंडली में मंगल ग्रह 1st, 4th, 7th, 8th या 12th भाव में स्थित हो,तो मांगलिक दोष बनता है।यह दोष व्यक्ति को गुस्सैल, क्रोधी और अहंकारी बना सकता है,जिससे पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ते हैं।


🔹 3. शुक्र ग्रह का अशुभ प्रभाव

शुक्र ग्रह प्रेम, आकर्षण और दांपत्य सुख का प्रतिनिधि है।यदि शुक्र नीच राशि (कन्या) में हो या राहु-केतु से प्रभावित हो,तो पति-पत्नी के बीच भावनात्मक दूरी बढ़ती है।


🔹 4. शनि और राहु के कारण उत्पन्न विवाद

शनि ग्रह रिश्तों में ठंडापन और देरी लाता है,वहीं राहु भ्रम और अविश्वास का कारण बनता है।यदि ये दोनों सप्तम भाव या शुक्र ग्रह पर दृष्टि डालें,तो झगड़े, गलतफहमियाँ और अलगाव की स्थिति बनती है।


🔹 5. चंद्रमा का कमजोर होना

चंद्रमा मन और भावनाओं का ग्रह है।यदि यह नीच का हो या शनि-राहु से पीड़ित हो,तो व्यक्ति भावनात्मक रूप से अस्थिर होता है,जिससे छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ जाता है।


🔹 6. दशा और गोचर का प्रभाव

कई बार डिवोर्स या रिश्ते की टूटन केवल दशा परिवर्तन के कारण होती है।यदि राहु, शनि, मंगल या केतु की महादशा चल रही हो,तो वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव आता है।


🌸 निष्कर्ष

डिवोर्स या अलगाव जैसी स्थिति केवल सामाजिक या भावनात्मक नहीं होती,बल्कि ग्रहों का असंतुलन भी इसका एक गहरा कारण होता है।यदि समय रहते सही ज्योतिषीय मार्गदर्शन और उपाय किए जाएँ,तो वैवाहिक जीवन में स्थिरता और प्रेम पुनः स्थापित किया जा सकता है।


✨ सुझाव

यदि आप भी अपने रिश्ते में अस्थिरता या डिवोर्स केस से गुजर रहे हैं,तो किसी अनुभवी ज्योतिषी से अपनी कुंडली का विश्लेषण अवश्य कराएँ।सही समय पर उपाय करने से बड़ी से बड़ी वैवाहिक समस्या भी दूर हो सकती है।


🔯 नमस्कार एस्ट्रो से जुड़ें

👉 Namaskar Astro से जुड़ें और Acharya Sunita Rao से अपनेज्योतिष शास्त्र से संबंधित सभी प्रश्नों के सटीक उत्तर पाएँ।

सही मार्गदर्शन के साथ अपने जीवन की हर परेशानी का समाधान जानें।

 
 
 

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page