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घर खरीदते समय वास्तु शास्त्र के अनुसार क्या रखें ध्यान?

  • Writer: Namaskar Astro by Acharya Rao
    Namaskar Astro by Acharya Rao
  • Nov 4
  • 2 min read

घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि हमारी ऊर्जा, सोच और जीवनशक्ति का केंद्र होता है।

वास्तु शास्त्र बताता है कि घर की दिशा और निर्माण पद्धति हमारे भाग्य, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर असर डालती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का हर कोना — मुख्य द्वार, रसोई, शयनकक्ष, पूजा घर — हमारे जीवन पर सीधा असर डालता है। अगर आप नया घर खरीदने जा रहे हैं, तो ये वास्तु टिप्स ज़रूर जानें।


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🔹 1. घर की दिशा का चयन (Plot / Flat Direction)

  • पूर्वमुखी (East Facing) और उत्तरमुखी (North Facing) घर सबसे शुभ माने जाते हैं।

  • ये सकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक प्रगति का प्रतीक हैं।

  • दक्षिणमुखी घर भी कुछ लोगों के लिए ठीक हो सकते हैं, लेकिन इसके लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है।


🔹 2. मुख्य द्वार (Main Entrance)

  • घर का मुख्य दरवाज़ा उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में होना शुभ होता है।

  • दरवाज़ा अंदर की ओर खुले और साफ-सुथरा रहे।

  • दरवाज़े पर कोई अवरोध (पेड़, खंभा, दीवार) न हो।


🔹 3. रसोई (Kitchen)

  • रसोई दक्षिण-पूर्व (Aagneya Kon) दिशा में रखें — यह अग्नि देव का स्थान है।

  • खाना बनाते समय मुख पूर्व दिशा की ओर रखें।

  • गैस स्टोव और सिंक को दूर रखें ताकि जल और अग्नि तत्व में संतुलन बना रहे।


🔹 4. शयनकक्ष (Bedroom)

  • मास्टर बेडरूम दक्षिण-पश्चिम (Nairitya Kon) में रखें।

  • सिर की दिशा दक्षिण या पूर्व की ओर रखें।

  • कमरे में दरवाज़े के ठीक सामने आईना न हो।


🔹 5. पूजा कक्ष (Pooja Room)

  • पूजा कक्ष उत्तर-पूर्व (Eeshan Kon) में होना सबसे उत्तम है।

  • भगवान की मूर्तियाँ दीवार से थोड़ी दूरी पर रखें।

  • पूजा घर में नकारात्मक वस्तुएँ (जूते, कपड़े, मोबाइल) न रखें।


🔹 6. शौचालय और बाथरूम (Toilet & Bathroom)

  • टॉयलेट के लिए पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा सबसे सही है।

  • उत्तर-पूर्व में कभी टॉयलेट न बनवाएँ।

  • फर्श का ढलान सदैव उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखें।


🔹 7. प्लॉट का आकार और ढलान (Shape & Slope of Plot)

  • आयताकार या वर्गाकार प्लॉट शुभ माने जाते हैं।

  • प्लॉट का ढलान दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर होना चाहिए।

  • तिकोना या कटे हुए कोने वाले प्लॉट से बचें।


🔹 8. घर के आसपास का वातावरण (Surroundings)

  • घर के पास अस्पताल, श्मशान या नाले न हों।

  • आस-पास हरियाली और खुली जगह हो तो सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।


🔹 9. सीढ़ियाँ और बीम (Stairs & Beams)

  • सीढ़ियाँ दक्षिण या पश्चिम दिशा में बनाएं और घड़ी की दिशा में ऊपर जाएँ।

  • सोने की जगह पर बीम के नीचे बिस्तर न रखें।


🔹 10. पानी की टंकी और बोरवेल (Water Source & Tank)

  • बोरवेल या हैंडपंप उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए।

  • ओवरहेड टंकी पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें।


🌿 निष्कर्ष (Conclusion)

घर खरीदना जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है।अगर आप वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों का पालन करते हैं, तो घर में सुख, शांति और समृद्धि स्वतः आती है।इसलिए, नया घर चुनते समय इन बिंदुओं को जरूर ध्यान में रखें और आवश्यकता हो तो किसी अनुभवी वास्तु विशेषज्ञ की सलाह लें।


👩‍🦰 लेखक: Acharya Sunita Rao

Designation: वास्तु एवं ज्योतिष विशेषज्ञ

About:Acharya Sunita Rao पिछले 16 वर्षों से लोगों को वास्तु शास्त्र और ज्योतिषीय उपायों के माध्यम से जीवन में संतुलन और सफलता दिलाने में मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं।

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