गणेश चतुर्थी पर क्यों होती है चंद्र दर्शन की मनाही
- Aug 22, 2024
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गणेश चतुर्थी का पर्व देशभर में धूमधाम के साथ मनाया जाता है. यह हिंदू धर्म के बड़े उत्सव में एक है, जोकि पूरे 10 दिनों तक चलता है. इस साल गणेश चतुर्थी 7 सितंबर 2024 को है. इस दिन से 10 दिवसीय गणेश उत्सव शुरू हो रहा है. इसका समापन अनंत चतुर्दशी पर 17 सितंबर 2024 को होगा.
गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर ऐसी मान्यता है कि, इसी दिन गौरी पुत्र गणेश का जन्म हुआ था. इसलिए इस दिन लोग गणेशजी की पूर्ति की स्थापना करते हैं और 10 दिन तक विधिवत पूजा करने के बाद गणेश विसर्जन की जाती है. लेकिन गणेश चतुर्थी के दिन भूलकर भी चंद्र दर्शन नहीं करना चाहिए.

गणेश चतुर्थी पर क्यों होती है चंद्र दर्शन की मनाही
ऐसी मान्यता है कि, गणेश चतुर्थी यानी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को चंद्र दर्शन करने वाले पर झूठा कलंक लगता है. इसलिए इस दिन चंद्र दर्शन को अशुभ माना गया है. इससे जुड़ी पौराणिक कथा भी है, जिसके अनुसार भगवान शिव ने क्रोध में आकर बालक गणेश का सिर धड़ से अलग कर दिया था.
अपने पुत्र की यह दशा देख माता पार्वती रो-रोकर व्याकुल हो गईं. उन्होंने शिवजी से पुत्र को पुन: जीवित करने को कहा. इसके बाद गणेश जी को गज यानी हाथी का सिर लगाया गया और इस तरह से गणेश जी का एक नाम गजानन भी पड़ा. दोबारा जीवन प्राप्त करने के बाद सभी देवताओं ने बालक गणेश को आशीर्वाद दिया.
लेकिन वहां मौजूद चंद्रदेव मंद-मंद मुस्कुरा रहे थे क्योंकि चंद्रमा को अपनी प्रकाशमय सुंदरता का घमंड था. चंद्रमा की हंसी देख भगवान गणेश समझ गए कि, चंद्रमा उनका मुख देख हंसी उड़ा रहे हैं. इस पर भगवान गणेश चंद्रमा से नाराज हो गए और उन्हें श्राप दे दिया कि, तुम हमेशा के लिए काले हो जाओगे. इसके बाद सभी देवताओं ने गणेश जी को अपना श्राप वापस लेने की विनती की.
तब गणेश जी को भी अपनी भूल का अहसास हुआ और उन्होंने चंद्रदेव से माफी मांगते हुए कहा कि, सूर्य का प्रकाश पाकर तुम एक दिन पूर्ण प्रकाशित हो जाओगे. लेकिन चतुर्थी का यह दिन तुम्हें दंड दिए जाने को लेकर हमेशा याद रखा जाएगा. इसके बाद से ही ऐसी मान्यता है कि, गणेश चतुर्थी के दिन किसी को भी चंद्र दर्शन की गलती नहीं करना चाहिए.
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखने से व्यक्ति पर झूठा कलंक लगता है. इससे आपकी छवि धूमिल हो सकती है, आपकी प्रतिष्ठा, मान-सम्मान को ठेस पहुंच सकता है. जब द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने चौथ का चांद देखा था तो उन पर चोरी का झूठा कलंक लगा था.
गणेश चतुर्थी पर भूलवश देख लें चंद्रमा तो करें यह उपाय
यदि आप गणेश चतुर्थी पर गलती से चंद्रमा देख लेते हैं तो उसके दोष से बचने के लिए कुछ ज्योतिष उपाय कर सकते हैं. दोष से मुक्ति के लिए सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें. उसके बाद पूजा में उपयोग किए गए फल, फूल, मिठाई आदि को चंद्रमा को दिखाकर किसी जरुरतमंद को दान कर दें.
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