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"Unpacking the Astrological Reasons for Lack of credits and Respect from Family"

  • May 4, 2024
  • 3 min read

एक व्यक्ति के लिए संसार में सब से बड़ी तकलीफों में से एक होती है परिवार के लिए सब कुछ करने के बाद ना मिलने वाली क्रेडिट और रिस्पेक्ट,

लगभग हर व्यक्ति चाहता है की उस के परिवार को वो हर सुख सुविधा मिले जो वो चाहते है, उस के लिए इंसान जी जान से मेहनत करता है, खुद की छोटी मोटी तकलीफ को नजर अंदाज कर के वो लगा रहता है क्यों की वो नही चाहता की परिवार वालो को कोई चीज की कमी महसूस हो, बदले में इंसान चाहता क्या है परिवार वालो से थोड़ी सी रिस्पेक्ट और प्यार, पर काफ़ी बार देखा गया है की इतना सब कर ने के बाद भी इंसान को वो रिस्पेक्ट और प्यार नही मिलता जिस के लिए वो दिन रात मेहनत करता है तब इंसान अंदर से टूट जाता है,

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक मुख्य रूप से सूर्य ग्रह जिमेदार माना जाता है घर परिवार और समाज में मिलने वाले मान सम्मान के लिए पर परिवार में अलग अलग रिश्तेदारों से संबंध और उनसे मिलने वाले सम्मान के लिए कुछ और ग्रहों का भी काफी प्रभाव रहता है.


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परिवार से रिस्पेक्ट और प्यार ना मिल पाने के काफी अलग अलग कारण होते है जिस में से कुछ ज्योतिषी कारण भी होते है जिस के बारे में आज हम बात करेंगे


  • पिता से संबंध

सूर्य का संबंध पिता से जुड़ा है, अगर आप की कुंडली में सूर्य कमजोर है या लगत स्थान पे विराजमान है तो आप के संबंध पिता से कभी ठीक नही होंगे,

अगर कोई व्यक्ति अपने पिता का सम्मान नहीं करता है, बात-बात पर उनके साथ विवाद करता है या वैचारिक भिन्नता को लेकर उनके साथ रिश्ते खराब करता है, तो सीधे तौर पर वह अपने सूर्य को कमजोर करता है। कुंडली में सूर्य की स्थिति देखकर जातक के पिता के व्यक्तित्व को भी जाना जा सकता है।

  • माता से संबंध

जिस प्रकार सूर्य का संबंध पिता से है उसी प्रकार माता का संबंध चंद्र देव से माना गया है। अगर कुंडली में चंद्रमा कमजोर हुआ या गलत स्थान पे विराजमान है तो माता से संबंध सही नही रहते और माता का स्वास्थ्य भी खराब रहता है,

  • ननिहाल पक्ष से संबंध

ज्योतिष शास्त्र में बुद्ध ग्रह को ननिहाल पक्ष से संबंध के जिम्मेदार माना जाता है, अगर कुंडली में बुद्ध ग्रह कमजोर है तो ननिहाल पक्ष के साथ रिश्ते अच्छे नही रहते, सारे रिश्तेदार में एक ननिहाल पक्ष ही ऐसा होता है जो आप को बिना किसी स्वार्थ और बदले में कुछ पाने के उम्मीद के बिना प्यार करता है और हमेशा आप को हर तरह का सपोर्ट कर ने को तैयार रहता है।

  • दादा-दादी और वृद्ध लोगों का सबंध

देवगुरु बृहस्पति का संबंध घर के बुजुर्ग लोग जैसे दादा-दादी से है। यह आपके जीवन के वृद्ध लोगों की सूचना भी देता है। यदि आपके संबंध अपने दादा-दादी से खराब चल रहे हैं तो समझिए आपकी कुंडली में गुरु देव की स्थिति शुभ नहीं है।

  • जीवनसाथी से संबंध

ज्योतिष शास्त्र में शुक्रदेव का सम्बन्ध जीवनसाथी से है। यदि आपके संबंध जीवनसाथी से मधुर हैं तो समझिए आपकी कुंडली में शुक्रदेव शुभ स्थिति में हैं। ऐसे में आपके घर धन-वैभव और सुख-समृद्धि का आगमन होगा।

सुखी लग्न जीवन के लिए कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति का भी सही होना जरूरी होता है।

  • नोकर चाकर से संबंध

घर के नौकरों, सेवकों का संबंध शनि महाराज से है,अगर आप के नोकर या आप के नीचे काम करने वाले लोग आप की रिस्पेक्ट नही करते और आप से खुश नहीं या बार बार काम छोड़ के चले जाते है तो समझिए की आप की कुंडली में शनि ग्रह कमजोर है या लगत स्थान पे बिराजमान है।



 
 
 

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