The Role of Astrology in Understanding and Overcoming Repeated Failures in Life
- Apr 3, 2024
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काफी बार हम देखते है की कुछ लोग काफी मेहनत करते है। बाद भी उन्हें सफलता नहीं मिलती।
इस दौरान बनते हुए काम बिगड़ने लगते हैं। जीवन में कई तरह की अड़चनों का सामना करना पड़ता है। किसी भी कार्य में किस्मत बिल्कुल भी साथ नहीं देती। कारोबार के क्षेत्र में अत्याधिक परिश्रम के बाद भी उस तरह के परिणाम नहीं निकलते, जिसका अनुमान लगाया जाता है। हर क्षेत्र में घाटा सहन करना पड़ता है। इसके चलते जीवन के बाकी क्षेत्र भी नकारात्मक ढंग से प्रभावित होते हैं। परिवार के बीच सामंजस्य की स्थिति नहीं बन पाती। घर में मतभेद जन्म लेते हैं। व्यक्ति का स्वभाव उग्र हो जाता है। ऐसा किस्मत के साथ ना देने के चलते होता है। ऐसे में अगर आपकी भी किस्मत सोई हुई है और मेहनत करने के बाद भी उचित फल की प्राप्ति नहीं हो पा रही है, तो हम आपको कुछ उपाय बताने वाले हैं, जिनकी मदद से आपका सोया हुआ भाग्य जाग उठेगा।

बार बार असफल होने के कारण:
कुंडली के जिस भाव में कोई ग्रह नहीं होता है, उस पर किसी दूसरे ग्रह की दृष्टि नहीं पड़ती। इस कारण उसे सोया भाव कहा जाता है। इसके अलावा अगर कुंडली का नौवा भाव अगर सोया हुआ है तो ऐसे में व्यक्ति की किस्मत उसका साथ नहीं देती। उसके बने हुए काम बिगड़ जाते हैं। व्यक्ति के जीवन में कई अशुभ प्रभाव पड़ते हैं।
यदि कोई ग्रह जब सूर्य के समीप होता है, तो उसे अस्त माना जाता है। यदि पहले के 1 से 6 तक के भावों में कोई ग्रह उपस्थित नहीं है, तो बाद के 7 से 12 तक भावों में ग्रह सोए हुए माने जाते हैं। तीसरी स्थिति में यदि कोई ग्रह स्वयं की राशि में, उच्च राशि में या पक्के घर में नहीं उपस्थित है और पांचवी स्थिति भाव 10 में कोई ग्रह नहीं है तो भाव 2 के ग्रह सोए होते हैं। ऐसे में भाव 9 और 10 के ग्रह भी सो जाते हैं। इस कारण व्यक्ति के जीवन में कई तरह की अड़चन आती हैं।
हस्त रेखा में बन रहे हैं योग, तो अवश्य मिलेगी सफलता
जीवन रेखा और मस्तिष्क रेखा के अंदर, आस-पास, जितने भी त्रिभुज बने हुए हैं वह आपकी आपकी सफलता को इंडिकेट कर रहे है. विशेषतौर पर ऐसा जातक आर्थिक रूप से मजबूत होता है. त्रिभुज की जिनती संख्या बढ़ती जायेगी. भविष्य में लाभ के अवसर ज्यादा प्राप्त होंगे.
अगर जीवन रेखा और मस्तिष्क रेखा के बीच त्रिभुज के अंदर भी त्रिभुज हैं तो यह आपके जीवन में करियर और कारोबार के लिए कई विकल्प खोलते है. बशर्ते वह त्रिभुज टूटे हुए ना हों. टूटे हुए त्रिभुज से जातक दो राह पर चलने लगता है. ऐसे जातक को हमेशा ऐसा लगता रहता है कि अगर इसमें फायदा नहीं मिला तो उसमें फायदा मिल जायेगा. होता यह है कि वह किसी एक फोकस नहीं कर पाता है. परिणामस्वरूप वह बहुत भारी नुकसान में पड़ जाता है.
सफलता पाने के लिए करे यह उपाय
किसी भी कार्य को करने से पहले गणेश जी की आराधना करना ना भूलें. क्योंकि उनकी आराधना के बिना कोई भी कार्य पूरा नहीं होता. यदि आप किसी विशेष कार्य के लिए जा रहें हैं तो श्री गणेशाय मंत्र का जाप जरूर करें. ऐसा करने से कार्य में सफलता मिलती है.
जब भी कार्य के लिए निकले तो मीठा जरूर खा कर निकले. ऐसा करना शुभ माना जाता है. मीठे में आप दही चीनी, गुड़ और मिठाई के अलावा भी कुछ भी खा सकते हैं, बस वो मीठा होना चाहिए
कार्य में सफलता हासिल करने के लिए नियमित रूप से काले कुत्ते की सेवा करें और उसे भोजन कराएं. सिर्फ इतना ही नहीं अपने पूर्वजों से क्षमायाचना भी करें. इस तरह से अगर आप रोज करेंगे तो आपका भाग्य आपका साथ देगा और सफलता कदम चूमेगी.
मेहनत के बाद भी अगर सफलता आपको नहीं बल्कि किसी और को मिल रही है तो तो पंचमुखी हनुमान की पूजा जरूर करें. पूजा में एक नारियल में मौली को लपेट लें और फिर चावल, सिंदूर और पुष्प आदि हनुमान जी को चढ़ाएं. ऐसा करने से सफलता जरूर मिलती है.
NOTE:जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत का कोई विकल्प नहीं है ,कोई भी एस्ट्रोलोजी उपाय तभी काम आएगा जब आप खूब मेहनत कर रहे है फिर भी सफलता नहीं मिल रही।
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