Is Your Child Displaying Bad Habits? Watch Out for How Rahu Can Ruin Their Life.
- Jul 30, 2024
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आप के बच्चे में है यह खराब आदतें?
तो हो जाइए सावधान राहु ग्रह कर सकता है उसका जीवन बर्बाद.
राहु को ज्योतिष ग्रंथों में एक पाप ग्रह बताया गया है. पौराणिक ग्रंथ और पुराणों में राहु के बारे में वर्णन मिलता है. राहु को एक मायवी ग्रह बताया गया है. कलियुग में इसका प्रभाव व्यापक बताया गया है. राहु को छाया ग्रह भी माना गया है. इस ग्रह का अपना कोई अस्तित्व नहीं है.
राहु सदैव वक्री अवस्था में रहता है. राहु को इसलिए भी अशुभ माना जाता है कि क्योंकि ज्योतिष गणना के अनुसार राहु की दशा व्यक्ति को 18 वर्षों तक प्रभावित करती है. इस दशा में व्यक्ति की कुंडली में राहु-केतु से बनने वाला यदि कोई दोष है तो व्यक्ति को जीवन में अत्यंत बुरे परिणाम देखने को मिलते हैं.

राहु अशुभ हो तो कैसे लगाएं पता?
कुंडली में राहु अशुभ हो तो आसानी से पता लगाया जा सकता है. राहु यदि अशुभ है तो ये निम्न प्रकार की दिक्कतें प्रदान करता है-
पढ़ाई में बाधा- राहु खराब हो तो ये पढ़ाई में बाधा डालता है. शिक्षा ठीक ढंग से पूरी नहीं हो पाती है. योग्यता होने के बाद भी पूरा लाभ नहीं मिलता है.
माता-पिता बात न मानना- राहु अशुभ हो तो व्यक्ति माता-पिता की बात नहीं मानता है, उनका अनादर भी करता है. ऐसा व्यक्ति नई परेशानियों को जन्म देता है, जिस कारण से घर परिवार का सुख चैन नष्ट हो जाता है.
गलत संगत- कुंडली में राहु खराब हो तो व्यक्ति गलत संगत में पड़ जाता है. वो अपने लक्ष्य से भटक जाता है. उसे गलत लोगों के बीच रहना, बैठना और खाना अच्छा लगने लगता है. जिस कारण उसकी बदनामी भी होने लगती है.
नशे की लत- राहु खराब हो तो व्यक्ति नशा करने लगता है. यहां तक की ड्रग्स भी लेने लगता है. हर प्रकार के नशे करने लगता है. नशे के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हो जाते हैं.
एकांत में रहना- राहु खराब हो तो ऐसे लोगों को एकांत में रहना अच्छा लगता है. कमरे में अधिक रोशनी इन्हें पसंद नहीं आती है. साफ सफाई के नियमों का भी पालन नहीं करते हैं. गदंगी बनी रहती है. इन्हें बाल कटाना भी अच्छा नहीं लगता है. काले और नीले रंग के कपड़े अधिक पसंद आते हैं. पानी कम पीते हैं. पहाड़, जंगल, उंचे स्थान, गंदे स्थान पर रहना पसंद करते हैं. इन्हें रात में काम करना अच्छा लगता है.
राहु का स्वभाव
राहु का स्वभाव शनि की भांति ही बताया गया है. राहु पाप ग्रह के साथ एक क्रूर ग्रह भी है. राहु अशुभ होने पर खतरनाक रोग भी देता है. राहु व्यक्ति को साहसी, चालाक, धूर्त, स्वार्थी, अधिक बोलने वाला, झूठा, वैमनस्य पैदा करना, धर्म को न मानने वाला, राजनीति में रूचि लेने वाला, लडाकू, नशे की आदत आदि ये सभी राहु के स्वभाव के अंर्तगत बताया गया है.
राहु से बनने वाले अशुभ योग-
राहु और केतु के कारण ही सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है. ग्रहण को ज्योतिष शास्त्र में एक अशुभ घटना माना गया है. जिसका प्रभाव देश-दुनिया के साथ मनुष्यों पर भी पड़ता है. ग्रहण से पहले सूतक काल प्रारंभ होता है. सूतक काल में शुभ कार्य नहीं करते हैं. धार्मिक ग्रंथ निर्णय सिंधु में ग्रहण के बाद स्नान करने के बारे में बताया गया है. महाभारत और रामायण की कथा में भी राहु से लगने वाले ग्रहण का वर्णन मिलता है.
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