
"Can Astrology Predict Sudden Financial Windfalls (Akasmik Dhan labh)?"
- Apr 11, 2024
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हर व्यक्ति जीवन कही ना कही यह उम्मीद रखता है की उसे किसी भी तरीके से बड़ा आकस्मिक धन लाभ हो जाए, एस्ट्रोलॉजर से लोगो द्वारा पूछे जाना वाला यह बहुत प्रचलित सवाल है, पर बता दे की आकस्मिक धन लाभ हर किसी के नसीब में नहीं होता,
आज हम बात करेंगे की जन्मकुंडली में ऐसे कोन से योग होते है जिससे आकस्मिक धन लाभ हो सकता है।

आकस्मिक धनलभ देने वाले योग
जन्मकुंडली के अनुसार-जिनकी कुंडली में सप्तम स्थान में वृष राशि का चंद्र हो और लाभ स्थान में कन्या राशि का शनि हो, ऐसे व्यक्ति की पत्नी को भारी आकस्मिक धन-लाभ होता है,
चंद्रमा और बुध धन स्थान में हो तो बहुत लाभ होता है,
दशम स्थान में कर्क राशि का चंद्र और धन स्थान में शनि हो तो अचानक धन-लाभ होता है।
धन स्थान में 5 या इससे अधिक ग्रह हों तो बड़ा धन-लाभ होता है। व्यक्ति को तभी आकस्मिक लाभ होगा जब कुंडली में पंचम भाव, द्वितीय भाव तथा एकादश भाव व उनके स्वामी ग्रह और इन भावों में स्थिर ग्रह बलवान होने चाहिए,
जन्म कुंडली में पंचम भाव को संचित भाव भी कहते हैं। एकादश भाव से लाभ का विचार किया जाता है तथा द्वितीय भाव से धन-संपत्ति का निर्णय किया जाता है।
जन्मकुंडली में पंचम भाव में गुरु स्थित हो, पंचमेश मंगल धन भाव में स्थित हो।
पंचम भाव पर पंचमेश मंगल की चतुर्थदृष्टि हो, द्वितीय भाव में मंगल स्थित हो।
द्वितीयेश सूर्य केंद्र भाव में उच्च का हो।
एकादश भाव पर गुरु की दृष्टि हो,
एकादश भाव का अधिपत्य शुक्र भाग्य भवन में उच्च का हो तथा उस पर गुरु व मंगल की उच्च दृष्टि हो।ऐसे व्यक्ति की कुंडली में भारी मात्रा में लाभ होने का योग होता है
Note :-
अगर कुण्डली में व्यय स्थान में बारहवें भाव में केतु हो, जन्मकुंडली में कालसर्प योग हो। चंद्र, बुध और शनि नीच स्थान में हों तो ऐसे व्यक्ति को रेस, सट्टा, लॉटरी से कोई लाभ नहीं होता।
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