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घर में कलेश के ज्योतिषीय कारण: क्यों बिगड़ती है पारिवारिक शांति?

  • Writer: Namaskar Astro by Acharya Rao
    Namaskar Astro by Acharya Rao
  • Dec 20, 2025
  • 2 min read

घर को शांति, प्रेम और सुरक्षा का स्थान माना जाता है, लेकिन कई परिवारों में बिना किसी बड़े कारण के भी लगातार झगड़े, तनाव और अशांति बनी रहती है। बार-बार प्रयास करने के बाद भी जब हालात नहीं सुधरते, तब प्रश्न उठता है—क्या इसके पीछे कोई ज्योतिषीय कारण है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में ग्रहों की अशुभ स्थिति व्यक्ति के स्वभाव और पारिवारिक वातावरण दोनों को प्रभावित करती है। आइए विस्तार से समझते हैं घर में कलेश के प्रमुख ज्योतिषीय कारण।



1. लग्न और लग्नेश की अशुभ स्थिति

लग्न व्यक्ति के स्वभाव और सोच को दर्शाता है।यदि लग्न या लग्नेश राहु, केतु, शनि या मंगल से पीड़ित हो, तो व्यक्ति—

  • क्रोधी

  • जिद्दी

  • नकारात्मक सोच वालाहो सकता है, जिससे घर में छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने लगते हैं।


2. मंगल दोष और पारिवारिक तनाव

मंगल ग्रह ऊर्जा और आक्रामकता का कारक है।यदि मंगल 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में अशुभ हो, तो—

  • पति-पत्नी में झगड़े

  • गुस्सा और तकरार

  • घरेलू हिंसा जैसी स्थितियाँदेखी जा सकती हैं। इसे ही आम भाषा में मांगलिक दोष कहा जाता है।


3. चंद्रमा की कमजोरी

चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधि ग्रह है।यदि चंद्रमा कमजोर, नीच का या राहु-केतु से पीड़ित हो, तो—

  • मानसिक अशांति

  • शक और भ्रम

  • भावनात्मक असंतुलनबढ़ता है, जिससे पारिवारिक कलेश जन्म लेता है।


4. चौथे भाव की पीड़ा

कुंडली का चौथा भाव घर, माता और मानसिक सुख से जुड़ा होता है।यदि इस भाव पर पाप ग्रहों की दृष्टि हो या यह भाव पीड़ित हो, तो—

  • घर में स्थायी शांति नहीं रहती

  • सदस्य एक-दूसरे से असंतुष्ट रहते हैं

  • परिवार बिखराव की ओर बढ़ता है


5. राहु-केतु का नकारात्मक प्रभाव

राहु-केतु भ्रम और अचानक घटनाओं के कारक ग्रह हैं।इनका प्रभाव घर में—

  • गलतफहमियाँ

  • अविश्वास

  • बिना कारण झगड़ेको बढ़ाता है, जिससे वातावरण तनावपूर्ण बना रहता है।


6. शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या

शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के दौरान—

  • मानसिक दबाव

  • जिम्मेदारियों का बोझ

  • वाणी में कठोरताआ जाती है, जो पारिवारिक संबंधों में कड़वाहट पैदा करती है।


7. शुक्र ग्रह की अशुद्धि

शुक्र प्रेम, सौहार्द और वैवाहिक सुख का कारक है।यदि शुक्र कमजोर या पीड़ित हो, तो—

  • रिश्तों में ठंडापन

  • असंतोष

  • प्रेम की कमीहो जाती है, जिससे घर में कलेश बढ़ता है।


निष्कर्ष

घर में कलेश केवल व्यवहारिक समस्या नहीं होती, कई बार इसके पीछे कुंडली के ग्रह दोष भी जिम्मेदार होते हैं। सही समय पर इन कारणों को समझकर उचित ज्योतिषीय मार्गदर्शन और संतुलित व्यवहार अपनाया जाए, तो पारिवारिक जीवन में फिर से शांति और सुख लौट सकता है।


लेखक: Acharya Sunita Rao

परंपरागत ज्योतिष और आधुनिक जीवनशैली के बीच संतुलन बनाते हुए, Acharya Sunita Rao

पिछले 19 वर्षों से जीवन की समस्याओं का सटीक एवं सरल समाधान प्रदान कर रही हैं।

कुंडली विश्लेषण, विवाह, करियर, स्वास्थ्य, संतान, वित्त और ग्रह दशाओं में विशेषज्ञता।


प्रस्तुतकर्ता: Namaskar Astro

Namaskar Astro एक विश्वसनीय डिजिटल मंच है जो ज्योतिष, वास्तु और आध्यात्मिक विषयों पर सटीक, व्यावहारिक और पाठक-हितैषी जानकारी प्रदान करना हमारा उद्देश्य है.

“सरल भाषा में ज्योतिष, ताकि हर व्यक्ति अपनी परिस्थितियों और ग्रहों के प्रभाव को समझ सके।”


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Acharya Sunita Rao – ज्योतिष सलाहकार

 
 
 

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