BP–SUGAR कौन से ग्रह जिम्मेदार ?
- Namaskar Astro by Acharya Rao

- Dec 23, 2025
- 3 min read
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी बीमारियाँ बहुत आम हो चुकी हैं। चिकित्सा विज्ञान जहाँ इनके शारीरिक कारण बताता है, वहीं ज्योतिष शास्त्र इनके पीछे छिपे ग्रहों के असंतुलन और कुंडली दोषों की ओर संकेत करता है। व्यक्ति की जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति यह दर्शाती है कि शरीर का कौन सा अंग कब और क्यों प्रभावित होगा।

ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) के ज्योतिषीय कारण
1. सूर्य का पीड़ित होना
सूर्य रक्त संचार, हृदय और ऊर्जा का मुख्य कारक ग्रह है। कुंडली में सूर्य का कमजोर, अस्त या शत्रु ग्रहों से घिरा होना हाई या लो ब्लड प्रेशर की समस्या उत्पन्न करता है।
2. सूर्य और मंगल का अशुभ योग
मंगल रक्त और आक्रामकता का कारक है। सूर्य-मंगल का अशुभ संबंध व्यक्ति में गुस्सा, तनाव और अचानक BP बढ़ने का कारण बनता है।
3. चंद्रमा का असंतुलन
चंद्रमा मन और तरल तत्वों को नियंत्रित करता है। चंद्रमा पीड़ित हो तो लो BP, चक्कर आना और घबराहट जैसी समस्याएँ देखी जाती हैं।
4. षष्ठ भाव पर पाप ग्रहों का प्रभाव
षष्ठ भाव में सूर्य, शनि या राहु का प्रभाव ब्लड प्रेशर की बीमारी को लंबे समय तक बनाए रखता है।
शुगर (Diabetes) के ज्योतिषीय कारण
1. बृहस्पति (गुरु) का कमजोर होना
गुरु शरीर में शर्करा, पाचन तंत्र और वृद्धि का कारक ग्रह है। गुरु का नीच या पीड़ित होना डायबिटीज का मुख्य ज्योतिषीय संकेत माना जाता है।
2. चंद्रमा और शुक्र का दोष
चंद्रमा तरल तत्व और शुक्र मिठास व विलास का कारक है। इन दोनों का दूषित होना शरीर में शुगर असंतुलन पैदा करता है।
3. 6th, 8th और 12th भाव का संबंध
इन भावों का गुरु, चंद्रमा या शुक्र से संबंध शुगर जैसी दीर्घकालिक बीमारी को जन्म देता है।
4. राहु का प्रभाव
राहु असंतुलन और आधुनिक जीवनशैली का ग्रह है। राहु की दशा में अचानक शुगर बढ़ने या पता चलने की संभावना रहती है।
ग्रह दशा और रोगों की शुरुआत
अक्सर ब्लड प्रेशर और शुगर की बीमारी की शुरुआत होती है—
सूर्य, गुरु, शनि या राहु की महादशा/अंतरदशा में
जब पाप ग्रह षष्ठ भाव को सक्रिय करते हैं
सामान्य ज्योतिषीय संकेत
बार-बार थकान महसूस होना
चिड़चिड़ापन और मानसिक तनाव
अत्यधिक प्यास या भूख
नींद की कमी
वजन का अचानक बढ़ना या घटना
ये सभी संकेत कुंडली में ग्रह दोष की ओर इशारा करते हैं।
ज्योतिषीय उपाय (सामान्य एवं सुरक्षित)
⚠️ ये उपाय आस्था आधारित हैं, चिकित्सा का विकल्प नहीं।
सूर्य को नियमित जल अर्पित करें
सोमवार को चंद्र शांति हेतु ध्यान व श्वेत वस्त्र धारण करें
गुरु की शांति के लिए पीले रंग का दान करें
राहु-केतु दोष के लिए सात्विक जीवनशैली अपनाएँ
निष्कर्ष (Conclusion)
ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी बीमारियाँ केवल शारीरिक नहीं, बल्कि ग्रहों के असंतुलन का संकेत भी हो सकती हैं। समय रहते कुंडली का विश्लेषण और जीवनशैली में संतुलन अपनाकर इन रोगों की गंभीरता को कम किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श अनिवार्य है।
लेखक: Acharya Sunita Rao
परंपरागत ज्योतिष और आधुनिक जीवनशैली के बीच संतुलन बनाते हुए, Acharya Sunita Rao
पिछले 19 वर्षों से जीवन की समस्याओं का सटीक एवं सरल समाधान प्रदान कर रही हैं।
कुंडली विश्लेषण, विवाह, करियर, स्वास्थ्य, संतान, वित्त और ग्रह दशाओं में विशेषज्ञता।
प्रस्तुतकर्ता: Namaskar Astro
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